Monday, 14 September 2020

खुद के लिए बदलाव बहुत जरूरी

   एक तालाब में बहुत सारे बतक एक दूसरे से बहुत प्यार से रहते और खेलते कूदते। लेकिन इनमें से एक को व सभी इग्नोर करते और उसे देखते भी नहीं, इसलिए जिसे सभी इग्नोर कर रहे थे, उसे यह समझ नहीं आता था कि यह लोग मुझे क्यों ऐसा कर रहे हैं? वह बड़ा दु:खी रहा करता था। एक दिन उसने तालाब के पानी में अपने आप को देखा तो उसने पाया कि वह बतक नहीं हंस है।उसने सोचा मैं एक सामान्य पक्षी जैसा नहीं हूं, बल्कि जिस का गायन पूजन होता है ऐसा श्रेष्ठ हंस हूं। सबसे पवित्र और उच्च संस्कारों से युक्त हु। ।उसे अपनी विशेषताओं का ज्ञान हुआ तो वह अपने श्रेष्ठ  स्वमान  में रहने लगा।  जिससे वह दूसरे पक्षियों के लिए भी एक आदर्श बन गया। उसका अपना दु:ख खत्म हुआ, वह नाचने और गाने लगा। खुद खुश रहने लगा। आसपास वाले सभी खुश रहने लगे। 

       मीनिंग है ज्यादातर हम दूसरों के व्यवहार से अपने आप को मापते हैं ,उन्हें ऐसा करना चाहिए, वैसा करना चाहिए ।लेकिन जब तक हम खुद को नहीं देखते हमें अपनी विशेषताओं और शक्तियों का एहसास नहीं होता हैं।जिस दिन यह अहेसास हम कर लेते है, दूसरों को नहीं देखते यानी अपने आपको हिन महसूस नहीं करते, तभी आगे बढ़ सकेंगे।

  *क्यों ना हम खुद को जाने खुद को महसूस करें, खुद के लिए खुद बदलाव लाए, खुद पर experiment कर ,खुद अपने आप को सही अनुभव करें।

  *जब तक तुम दूसरों को देखते रहते हो तब तक तुम्हें कोई नहीं देखता ,लेकिन जब तुम खुद को देखना शुरू करते हो  तब तुम्हें सभी देखना और appreciate करना शुरू करेंगे।

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